केशनली (Capillary Tube):-
- एक ऐसी खोखली नली, जिसकी त्रिज्या बहुत कम तथा एक समान होती है, केशनली कहलाती है।
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| केशनली |
केशिकत्व (Capillarity):-
- केशनली में द्रव के ऊपर चढ़ने या नीचे गिरने की घटना को केशिकत्व(Capillarity) कहते हैं।
- किस सीमा तक द्रव केशनली में चढ़ता या उतरता है, यह केशनली की त्रिज्या पर निर्भर करता है।
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| केशिकत्व |
- संकीर्ण (पतली) नली में द्रव का चढ़ाव अधिक तथा चौड़ी नली में द्रव का चढ़ाव कम होता है।
- सामान्यतः जो द्रव काँच को भिंगोता है, वह केशनली में ऊपर चढ़ जाता है और जो द्रव काँच को नहीं भिंगोता है वह नीचे दब जाता है; जैसे-जब केशनली को पानी में डुबाया जाता है, तो पानी ऊपर चढ़ जाता है और पानी का सतह केशनली के अन्दर धँसा हुआ रहता है। इसके विपरीत जब केशनली को पारे में डुबाया जाता है, तो पारा केशनली में बर्तन में रखे पारे की सतह से नीचे ही रहता है और केशनली में पारा की सतह उभरा हुआ रहता है।
केशिकत्व का उदाहरण:-
- 1.ब्लॉटिंग पेपर स्याही को शीघ्र सोख लेता है, क्योंकि इसमें बने छोटे-छोटे छिद्र केशनली की तरह कार्य करती हैं।
- 2. लालटेन या लैम्प की बत्ती में केशिकत्व के कारण ही तेल ऊपर चढ़ता है।
- 3. पेड़-पौधों की शाखाओं, तनों एवं पत्तियों तक जल और आवश्यक लवण केशिकत्व की क्रिया के द्वारा ही पहुँचते हैं।
- 4. कृत्रिम उपग्रह के अन्दर (भारहीनता की अवस्था) यदि किसी केशनली को जल में खड़ा किया जाए तो नली में चढ़ने वाले जल स्तम्भ का प्रभावी भार शून्य होने के कारण जल नली के दूसरे सिरे तक पहुँच जायेगा चाहे केशनली कितनी भी लम्बी क्यों न हो।
- 5.वर्षा के बाद किसान अपने खेतों की जुताई कर देते हैं, ताकि मिट्टी में बनी केशनलियाँ टूट जाएँ और पानी ऊपर न आ सके व मिट्टी में नमी बनी रहे।
स्पर्श कोण अथवा संपर्क कोण:-
- द्रव व ठोस के स्पर्श बिन्दु से द्रव के पृष्ठ पर खींची गई स्पर्श रेखा तथा ठोस के पृष्ठ पर द्रव के अन्दर की ओर का खींची गई स्पर्श रेखा के बीच बने कोण को उस ठोस व द्रव के लिए स्पर्श कोण अथवा संपर्क कोण कहते हैं।
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| स्पर्श कोण |
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By CEO & Counsellor :- PANKAJ JANGID (Author, Science expert and mathematician)
Posted by co-founder & managing director:- Rahul Vishvkarma



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